भीड़ भरी ट्रेन में मेरी मुलाक़ात एक साफ़-सुथरी, दुबली-पतली छात्रा से हुई! अगर हम इत्तेफ़ाक़ से आमने-सामने हो जाएँ, तो हम आमने-सामने होंगे! अगर तुम मुझे बिना हिले-डुले वीर्यपात करा दो, तो मैं तुम्हारे होंठ चुरा लूँगा! उसे चूसूँगा, चाटूँगा और ज़ोर से चूमूँगा, जिससे वो मस्त हो जाएगी! वो कामुक आहें भरेगी और अपनी जीभ से उसे उत्तेजित करेगी! मैं उसे पागलों की तरह चूमूँगा और मेरा मन बह जाएगा!